अररिया।
बिहार में शिक्षक बहाली की प्रक्रिया में हो रही निरंतर देरी और पटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को अररिया की सड़कें छात्रों के आक्रोश से भर गईं। ‘अररिया का मुद्दा’ संगठन के बैनर तले फैसल यासीन के नेतृत्व में सैकड़ों युवाओं ने शहर में विशाल कैंडल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने सरकार और शिक्षा विभाग की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। नेतृत्वकर्ता फैसल यासीन ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार विज्ञापन जारी करने के नाम पर केवल समय व्यतीत कर रही है। योग्य अभ्यर्थी सालों से बहाली की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नौकरी के बदले लाठियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि लाठी के दम पर छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
लिया संकल्प: ‘जब तक नोटिफिकेशन नहीं, तब तक विश्राम नहीं’
हाथों में मोमबत्तियां और विरोध की तख्तियां लिए युवाओं ने शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर शपथ ली कि जब तक सरकार शिक्षक बहाली का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं कर देती, तब तक उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।






















