18 मई से लापता था छात्र विशाल, मोबाइल गेम में पैसों के विवाद में दोस्तों पर ही लगा हत्या का आरोप
मुंबई में मजदूरी करते हैं पिता और बड़ा भाई, घर में पसरा मातम, मां-बहन का रो-रोकर बुरा हाल
अररिया ।
अररिया जिले के पलासी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन मोबाइल गेम के चक्कर में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजड़ गईं। पलासी थाना क्षेत्र के उच्च माध्यमिक विद्यालय करोड़ दिघली में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र विशाल कुमार (15) बीते 18 मई से लापता था। बुधवार सुबह मजलिशपुर पंचायत के कुजरी बेलबाड़ी गांव स्थित एक बांस की झाड़ी से उसका शव बरामद किया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या की वजह मोबाइल गेम में पैसों का विवाद बताया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने मृतक के ही दो दोस्तों को हिरासत में लिया है।
मृतक की मां ममता देवी ने पलासी थाने में दिए आवेदन में बताया था कि 18 मई को स्कूल से घर लौटने के बाद विशाल अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसी बीच परिजनों के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें विशाल को छोड़ने के बदले दो लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। अपहरण की आशंका को देखते हुए परिजनों ने तुरंत पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन दो दिनों बाद बुधवार सुबह विशाल का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
डॉलर और ऑनलाइन गेम के चक्कर में ली दोस्त की जान
अररिया एसपी जितेंद्र कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। संदेह के आधार पर मृतक के दो दोस्तों को हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ में जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला था।

“विशाल और उसके दोस्त ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलते थे, जिसमें डॉलर के रूप में पैसे लगाए जाते थे। इसी गेम के पैसों के लेनदेन को लेकर दोस्तों के बीच विवाद हुआ और उन्होंने मिलकर विशाल की हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार (दाबिया) भी बरामद कर लिया है।”
— जितेंद्र कुमार, एसपी, अररिया
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, घर में कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही पलासी थाना पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस घटना के बाद से मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है। विशाल के पिता श्रीलाल महतो और उसका बड़ा भाई मुंबई में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घर पर विशाल की मां ममता देवी और बहन पूजा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग इस बात से हैरान हैं कि महज कुछ पैसों और गेम के विवाद में दोस्त ही कातिल बन गए।
अभिभावकों के लिए एसपी की बड़ी अपील:
“बच्चों को मोबाइल देने के बाद उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखना बेहद जरूरी है। ऑनलाइन गेम और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की बढ़ती निर्भरता और लत कई बार ऐसी गंभीर आपराधिक घटनाओं का कारण बन रही है। अपने बच्चों के व्यवहार में आ रहेi बदलावों को पहचानें।”






















