अररिया।
अररिया जिला प्रशासन में कार्यहित और प्रशासनिक दृष्टिकोण से बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। जिला पदाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन की गरिमामयी उपस्थिति में एनआईसी (NIC) के रेंडमाइजेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से समाहरणालय एवं विभिन्न संबद्ध विभागों में पदस्थापित कर्मियों के स्थानांतरण एवं पदस्थापन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठ सके।
💻 सॉफ्टवेयर के जरिए 102 लिपिकों और सहायकों का तबादला
मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग, बिहार सरकार तथा आयुक्त, पूर्णिया प्रमंडल से प्राप्त दिशा-निर्देशों के आलोक में समाहरणालय और उससे जुड़े कार्यालयों के कुल 102 कर्मियों का डिजिटल माध्यम से तबादला किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
04 सहायक प्रशासी पदाधिकारी
10 प्रधान लिपिक
29 उच्चवर्गीय लिपिक (UDC)
59 निम्नवर्गीय लिपिक (LDC)
सभी स्थानांतरित लिपिकीय कर्मियों को 30 जून 2026 तक हर हाल में अपने नए कार्यालय में योगदान सुनिश्चित करने को कहा गया है। संबंधित कार्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रभार का आदान-प्रदान कराकर कर्मियों को अविलंब विरमित (रिलीव) करें। निर्धारित तिथि तक विरमित नहीं होने पर 1 जुलाई 2026 से उन्हें स्वतः विरमित माना जाएगा और उनका जुलाई महीने का वेतन नवपदस्थापित कार्यालय से ही जारी होगा।
आईटी और कार्यपालक सहायकों को 3 दिनों की मोहलत
रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत अनुमंडल और प्रखंड कार्यालयों में तैनात 11 आईटी सहायकों तथा 30 कार्यपालक सहायकों को भी विभिन्न कार्यालयों में अगले आदेश तक पदस्थापित किया गया है। इन सभी कर्मियों को तीन दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर ज्वाइन करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
आईसीडीएस (ICDS) विभाग में भी हुआ बड़ा उलटफेर
बाल विकास परियोजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) के अंतर्गत भी व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है:
66 महिला पर्यवेक्षिकाएं (Supervisors):
जिले की नौ बाल विकास परियोजनाओं में तैनात 66 महिला पर्यवेक्षिकाओं का तबादला किया गया है। इन्हें भी 30 जून 2026 तक प्रभार सौंपकर नई जगह योगदान देना होगा। 1 जुलाई से इन्हें स्वतः विरमित माना जाएगा और जुलाई का मानदेय नए दफ्तर से मिलेगा।
08 कार्यपालक सहायक/डीईओ:
एक प्रखंड से दूसरे प्रखंड में भेजा गया है (30 जून तक योगदान का निर्देश)।
06 प्रखंड समन्वयक (Block Coordinators): रेंडमाइजेशन के जरिए पारदर्शी ट्रांसफर।
02 लिपिक एवं 03 सांख्यिकी सहायक
संविदा पर नियुक्त इन कर्मियों को भी प्रशासनिक दृष्टिकोण से नई जिम्मेदारी दी गई है।
जिलाधिकारी विनोद दूहन के नेतृत्व में हुई इस रेंडमाइजेशन प्रक्रिया से जहां एक ओर पैरवी और पक्षपात की संभावनाओं पर पूरी तरह विराम लग गया है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।





















