अररिया (बिहार):
अररिया पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी और जालसाजी के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कूटरचना (जालसाजी) कर और जाली दस्तावेज तैयार कर फर्जी भू-स्वामी बन गए थे और दूसरे की जमीन का केवाला (रजिस्ट्री) कर दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वादी पंकज कुमार (निम्नवर्गीय कर्मचारी, निबंधन कार्यालय, अररिया) के टंकित आवेदन के आधार पर नगर थाना अररिया में कांड संख्या-239/2026, दिनांक 06.05.2026 दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2)/ 318(4)/ 338/ 336(3)/ 340(2)/3(5) के तहत दर्ज किया गया था।
दरअसल संजय मंडल पिता – रामेश्वर मंडल (निवासी: गिद्धवास, थाना: रानीगंज) के बदले आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर संजय मंडल पिता महेश मंडल को भूस्वामी बना दिया गया । उनके स्थान पर गलत तरीके से खड़े होकर पहचानकर्ता सूचित नारायण मंडल एवं गवाह सच्चितानंद मंडल (दोनों निवासी: रानीगंज) की मिलीभगत से डीड नंबर 7175 निबंधित कराया गया था।
पुलिस कप्तान के निर्देश पर बनी विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP), अररिया के दिशा-निर्देश में अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, अररिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान (Technical Investigation) और मानवीय स्रोतों की मदद से निबंधन कार्यालय अररिया से फर्जी आधार नंबर के विवरण और उसपर अंकित फोटो की पहचान की। इसके बाद घटना में संलिप्त मुख्य फर्जी भू-स्वामी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फर्जी भूस्वामी एक मजदूर है जबकि पूरे मामले का मास्टर माइंड जीवछ मंडल है
गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम:
संजय मंडल, पिता: महेश मंडल, साकिन: गिद्धवास, थाना: रानीगंज, जिला: अररिया।
जीवछ मंडल, पिता: ब्रह्मदेव मंडल, साकिन: गिद्धवास, थाना: रानीगंज, जिला: अररिया।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
मूल आधार कार्ड एवं केवाला के समय प्रयुक्त किया गया फर्जी आधार कार्ड।
अन्य संबंधित जाली दस्तावेज।
02 मोबाइल फोन।
छापेमारी टीम में शामिल सदस्य:
इस सफल उद्भेदन और गिरफ्तारी में अररिया पुलिस की विशेष टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें शामिल थे:
पु०नि० मनीष रजक (नगर थाना, अररिया)
पु०नि० धर्मेन्द्र कुमार (रानीगंज थाना)
पु०अ०नि० रामलखन चौधरी (नगर थाना, अररिया)
डी०आई०यू० (DIU) टीम, अररिया
पुलिस के अनुसार, इस कांड का सफल उद्भेदन कर लिया गया है और मामले में संलिप्त अन्य कड़ियों की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ अग्रतर कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
यहां बता दें कि मामले में निबंधन कार्यालय के लिपिक की भूमिका भी संदेह के घेरे में है






















