अररिया।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार को दवाओं की अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की मनमानी नीतियों के विरोध में देशव्यापी बंद का आयोजन किया गया। ‘बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन’ (BCDA) के नेतृत्व में अररिया जिले सहित राज्य भर में दवा विक्रेताओं ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखीं। आंदोलन को सफल बनाने के लिए केमिस्टों ने काला बिल्ला बांधकर जागरूकता अभियान भी चलाया।
‘अररिया केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष अल्हाज ओजिर अहमद और सचिव राकेश रंजन वर्मा (मिट्ठू) ने संयुक्त रूप से बताया कि यह आंदोलन किसी व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और लाखों छोटे-मध्यम दवा विक्रेताओं के भविष्य को बचाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि बिना वैध लाइसेंस और मूल प्रिसक्रिप्शन के इंटरनेट पर दवाओं का प्रदर्शन और होम डिलीवरी मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
प्रमुख मांगें:
ऑनलाइन बिक्री पर रोक: दवाओं की अनियंत्रित एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री और बिना प्रिसक्रिप्शन के होम डिलीवरी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए।
पारदर्शी नियामक ढांचा: यदि ऑनलाइन बिक्री की अनुमति दी भी जाती है, तो उसके लिए एक सख्त नियामक ढांचा (Regulatory Framework) तैयार हो।
ई-कॉमर्स की ‘डीप डिस्काउंटिंग’ पर रोक: ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट की नीति पर रोक लगे, जिससे पारंपरिक दवा विक्रेता प्रभावित न हों।
कानूनी विसंगतियों में सुधार: Drugs & Cosmetics Act के तहत जारी लाइसेंस किसी विशिष्ट परिसर के लिए होता है, इंटरनेट पर दवा बेचने के लिए नहीं, अतः नियमों की समीक्षा की जाए।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वे आधुनिक तकनीक के विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे चाहते हैं कि दवा जैसी संवेदनशील वस्तु की बिक्री पूरी तरह सुरक्षित और जवाबदेह प्रणाली के तहत हो। केमिस्टों ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार ने इन मांगों पर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो भविष्य में और भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।






















