अररिया, 30 मई।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर शनिवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “Unmask the Appeal – Countering Tobacco and Nicotine Addiction” के तहत लोगों को तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर सदर अस्पताल अररिया एवं प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय, अररिया में जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण कार्यक्रम तथा जनजागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. के. के. कश्यप ने कहा कि तंबाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक सहित कई गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण है। उन्होंने लोगों से तंबाकू उत्पादों से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।

गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. जमील अहमद ने युवाओं में बढ़ते निकोटीन एवं ई-सिगरेट के उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। उन्होंने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक संतोष कुमार, डीपीसी राकेश कुमार, कैंसर स्क्रीनिंग टीम की डॉ. साइना एवं डॉ. मैत्रेयी, पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम मैनेजर संजय कुमार झा, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के मनोवैज्ञानिक शुभम कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
अंत में सभी प्रतिभागियों ने तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी आवश्यक है।





















